
सुप्रीम कोर्ट ने 2024 पुणे पॉर्श कार क्रैश केस में ब्लड सैंपल बदलने (tampering) के आरोप में तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। यह हादसा मई 2024 में हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
आरोपी अदित्य सूद, आशीष मित्तल और संतोष गायकवाड़ को जमानत मिली। कोर्ट ने नोट किया कि वे 18 महीने से जेल में हैं। ये आरोपी कथित तौर पर नाबालिग यात्री के ब्लड सैंपल को स्वैप करने की साजिश में शामिल थे, ताकि नाबालिग ड्राइवर का अल्कोहल टेस्ट प्रभावित हो।
एक आरोपी नाबालिग यात्री (पीछे सीट पर बैठे) के पिता हैं, जबकि अन्य ब्लड सैंपल बदलने में मदद करने वाले हैं। यह केस पुणे में कलयाणी नगर में हुआ, जहां नाबालिग ने कथित तौर पर शराब पीकर तेज रफ्तार पॉर्श कार चलाई और दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की मौत हो गई।
केस में पहले नाबालिग को जमानत मिली थी, लेकिन बाद में ब्लड सैंपल टैम्परिंग का खुलासा हुआ, जिसमें डॉक्टर, हॉस्पिटल स्टाफ और परिवार शामिल थे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिसंबर 2025 में जमानत खारिज की थी।



