
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत दिल्ली के निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए नए नियम लागू हो रहे हैं। अब किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को RTE कोटा में प्रवेश नहीं मिलेगा। घर का पंजीकरण (रजिस्ट्रार कार्यालय में) अनिवार्य होगा, ताकि स्थायी निवास साबित हो सके।
इसके अलावा, यूनिफॉर्म और अन्य खर्च का पैसा अब सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में ट्रांसफर होगा। भुगतान निदेशालय स्तर से किया जाएगा और इसमें आधार-लिंक्ड बैंक सत्यापन जरूरी होगा।
राजधानी के 1576 निजी स्कूलों में RTE के तहत कुल 21 हजार सीटें उपलब्ध हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू होगी। अभिभावकों को बच्चों के दस्तावेजों की कॉपी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य अपनी यूजर आईडी से जांच करेंगे।
यह बदलाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और शिक्षा के अधिकार को बेहतर सुनिश्चित करने के लिए हैं। आवेदन तीन चरणों में होंगे, जिसमें लॉटरी सिस्टम से चयन होगा।

