
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को बरामती में विमान दुर्घटना में मौत ने राज्य की राजनीति को सबसे बड़े संकट में डाल दिया है। ‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार मास लीडर, पावर ब्रोकर और रणनीतिकार थे। उनकी अनुपस्थिति महायुति सरकार को अस्थिर कर सकती है और NCP (अजित गुट) के विभाजन को और गहरा बना सकती है।
मुख्य सवाल जो उठ रहे हैं:
- NCP का नया डिप्टी CM कौन? अजित पवार की जगह महायुति सरकार में NCP से डिप्टी CM कौन बनेगा? उनकी 41 MLAs वाली ताकत अब बिखरने का खतरा है।
- दो NCP गुटों का विलय होगा? अजित और शरद पवार गुटों के बीच हाल में सुलह की बातें चल रही थीं (Pimpri-Chinchwad चुनाव में साथ लड़े)। अब शरद पवार (83) के रिटायरमेंट के बाद क्या Supriya Sule या Rohit Pawar NCP को एकजुट कर पाएंगे?
- अजित गुट के MLA बिखरेंगे? अजित के बिना उनकी 41 MLAs और लोकसभा MP पर BJP या अन्य पार्टियां दबाव डाल सकती हैं। क्या गुट टूटेगा या मजबूत रहेगा?
- बारामती और पश्चिम महाराष्ट्र का क्या? अजित का गढ़ बारामती था। अब Sunetra Pawar (पत्नी, RS MP), Parth Pawar (बेटा) या Rohit Pawar (भतीजा) इसे संभाल पाएंगे?
- महायुति सरकार की स्थिरता? NCP के 41 MLAs महायुति की मजबूती हैं। अजित के बिना गठबंधन में असंतुलन आ सकता है।
अजित पवार 6 बार (गैर-लगातार) डिप्टी CM रहे—Prithviraj Chavan, Uddhav Thackeray, Eknath Shinde और Devendra Fadnavis के साथ। 2023 में NCP से बगावत कर NDA में शामिल हुए और चुनाव आयोग से पार्टी नाम-प्रतीक हासिल किया। हाल में परिवार में सुलह की उम्मीद थी, लेकिन मौत ने सब बदल दिया।
PM मोदी ने कहा: “अजित पवार जनता से जुड़े कठोर परिश्रमी नेता थे।” Shiv Sena (UBT) की Priyanka Chaturvedi ने उन्हें “कड़ी मेहनत करने वाला” बताया।



