
यूजीसी के ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन्स, 2026’ पर विवाद बढ़ता जा रहा है। ये नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव रोकने के लिए हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों और कुछ संगठनों का आरोप है कि ये नियम एकतरफा हैं और सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव बढ़ा सकते हैं।
भाजपा में विरोध और इस्तीफे
- रायबरेली (सलोन) से भाजपा किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नए UGC नियमों को “काला कानून” बताया और सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ होने का आरोप लगाया।
- अलीगढ़ (इगलास) में भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी कपिल पंजित ने संगठन और पार्टी सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उनका पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है।
- नोएडा में भाजपा युवा मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट राजू पंडित ने भी इस्तीफा दिया।
अखंड भारत हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक शर्मा आजाद ने PM और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नियम वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये नियम समानता के मूल अधिकार के खिलाफ हैं और जाति-आधारित भेदभाव बढ़ाएंगे।
बरेली में बड़ा हंगामा
2019 बैच के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री (बरेली सिटी मजिस्ट्रेट) ने सोमवार को इस्तीफा दिया। वजह: UGC नियमों का विरोध और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के प्रयागराज में अपमान का आरोप। उन्होंने नियमों को “काला कानून” कहा और ब्राह्मणों पर अत्याचार का खतरा बताया। इस्तीफे के बाद उन्होंने DM आवास पर “बंधक” बनाए जाने का आरोप लगाया। सरकार ने उनका इस्तीफा खारिज कर अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया। विभागीय जांच चल रही है।
मंगलवार को उनके आवास पर पुलिस ने गेट बंद कर दिया, समर्थक दामोदर पार्क में जमा हो रहे हैं। अफसर घर के अंदर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।



