
अमेरिकी नौसेना का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (USS Abraham Lincoln CVN-72) मिडिल ईस्ट में पहुंच गया है। यह ग्रुप इंडो-पैसिफिक से रीडायरेक्ट होकर सेंट्रल कमांड (CENTCOM) क्षेत्र में तैनात किया गया है, जहां ईरान के साथ तनाव बढ़ा हुआ है।
CENTCOM ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि कैरियर और तीन अर्ले बर्क-क्लास डिस्ट्रॉयर्स (USS Frank E. Petersen Jr., USS Spruance, USS Michael Murphy) के साथ यह ग्रुप “क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता” को बढ़ावा देने के लिए तैनात है। कैरियर 19 जनवरी को मलक्का स्ट्रेट से गुजरा था और अब इंडियन ओशन में है, जो ईरान के करीब है।
ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए इस तैनाती को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि “बड़ा फ्लीट” ईरान की ओर जा रहा है, “शायद इस्तेमाल न करना पड़े”। यह ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और क्रैकडाउन के बीच है, जहां हजारों मौतें रिपोर्ट हुई हैं। ट्रंप ने धमकी दी थी कि प्रदर्शनकारियों पर हमला या सामूहिक फांसी पर सैन्य कार्रवाई होगी, लेकिन हाल में उन्होंने दावा किया कि ईरान ने फांसी रोकी है (ईरान ने इसे खारिज किया)।
पेंटागन ने फाइटर जेट्स और अन्य एसेट्स भी क्षेत्र में भेजे हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि कोई हमला “पूर्ण युद्ध” होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल हमला आसन्न नहीं लगता, बल्कि यह दबाव और डिटरेंस का हिस्सा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए “ओपन” है, लेकिन ईरान को शर्तें पता हैं।
यह तैनाती जून 2025 में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर अमेरिकी हमलों के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती है।



