
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें बीसीसीआई की क्रिकेट टीम को “टीम इंडिया” या “इंडियन नेशनल टीम” कहने से रोकने की मांग की गई थी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने याचिकाकर्ता रीपक कंसल की PIL को “फ्रिवोलस” (बेकार) बताते हुए खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई तमिलनाडु सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत निजी संस्था है, न कि कोई सरकारी निकाय या अनुच्छेद 12 के तहत राज्य।
कोर्ट ने फटकार लगाई – “कोर्ट का समय बर्बाद मत कीजिए, घर बैठकर ऐसे मामले न लाएं।” दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अक्टूबर 2025 में इसी याचिका को खारिज किया था।
बीसीसीआई अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करती है, और सरकार इसका समर्थन करती है। इसलिए “टीम इंडिया” नाम पर कोई आपत्ति नहीं। कोर्ट ने जुर्माना लगाने की बात कही, लेकिन अंत में माफ कर दिया।



