
भारत अपनी वायुसेना को सुपर पावर बनाने की तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना की लंबी अवधि की योजना में 150 राफेल लड़ाकू विमान, 60 सुखोई-57 (Su-57) स्टेल्थ फाइटर, 10 S-400 वायु रक्षा प्रणालियां, 210 तेजस (Mk-1A और Mk-2 सहित) और 40 AMCA (पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी स्टेल्थ विमान) शामिल करने का लक्ष्य है।
यह योजना 2035 तक वायुसेना को मजबूत बनाने पर केंद्रित है, खासकर चीन और पाकिस्तान से बढ़ते खतरों के मद्देनजर। राफेल और Su-57 जैसे अत्याधुनिक विमान हवाई श्रेष्ठता, गहरी स्ट्राइक और स्टेल्थ क्षमता देंगे। S-400 हवाई हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
स्वदेशी फोकस मजबूत: तेजस Mk-1A और Mk-2 के बड़े ऑर्डर (180+ Mk-1A पहले से ऑर्डर, Mk-2 पर काम तेज) आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देंगे। AMCA का प्रोटोटाइप 2026-27 में रोलआउट होने की उम्मीद, जो भारत को पांचवीं पीढ़ी के विमान बनाने वाली चुनिंदा देशों में शामिल करेगा।



