
पंजाब पुलिस ने राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर यह 72 घंटे का राज्यव्यापी अभियान मंगलवार (20 जनवरी 2026) से शुरू हुआ।
इस ऑपरेशन में 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 2,000 से ज्यादा पुलिस टीमें राज्य भर में छापेमारी कर रही हैं। मुख्य निशाना विदेश में बैठे 60 कुख्यात गैंगस्टरों के सहयोगी, उनके परिवार के सदस्य, फाइनेंसर, हथियार सप्लाई चेन और सुरक्षित ठिकाने हैं। पुलिस ने इन गैंगस्टरों के 1,200 सहयोगियों और 600 परिवार सदस्यों की पहचान की है।
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह अभियान गैंगस्टरों के पूरे इकोसिस्टम को तोड़ने का लक्ष्य रखता है। इसमें फाइनेंसिंग, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित घर, हथियार आपूर्ति और कम्युनिकेशन नेटवर्क सब शामिल हैं। उन्होंने कहा, “गैंगस्टरों और उनके मददगारों के लिए जीरो टॉलरेंस होगा। हम पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जैसे कि ड्रग्स के खिलाफ अभियान में सफलता मिली है।”
अभियान के पहले दिन ही 1,300 से ज्यादा गैंगस्टर गुर्गों को हिरासत में लिया गया। कई स्थानों पर हथियार, नशीली दवाएं और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन (93946-93946) भी शुरू की है, जहां नागरिक गुप्त रूप से जानकारी दे सकते हैं।
यह कार्रवाई पंजाब सरकार की ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम का हिस्सा है, जो ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ (ड्रग्स के खिलाफ युद्ध) की तर्ज पर चलाई जा रही है। उच्च अधिकारियों ने इसे बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।



