
लखनऊ की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की बड़ी वजह बन रहे ई-रिक्शा, टेंपो-टैक्सी और ई-कार्ट्स को अब सख्त नियमों के दायरे में लाया जा रहा है। नगर निगम ने इन वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने के लिए नई उपविधि का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें तय रूट, सालाना लाइसेंस फीस और उल्लंघन पर जुर्माना, जब्ती व नीलामी की सजा का प्रावधान है।
अब तक इन वाहनों के लिए स्पष्ट नियम नहीं होने से मुख्य सड़कें और राजमार्गों पर बेतरतीब दौड़ रही थीं, जिससे हादसे और जाम बढ़ रहे थे। ड्राफ्ट पर 15 जनवरी तक जनता से सुझाव/आपत्तियां मांगी गई हैं, उसके बाद सदन में पास कर नियम लागू होंगे।
लाइसेंस फीस और शर्तें
- 5 सवारी वाले ई-रिक्शा/भार वाहन मालिक: सालाना 800 रुपये
- ई-रिक्शा चालक: 200 रुपये
- किराए के टेंपो (6 सवारी): 1000 रुपये
- टेंपो चालक: 800 रुपये
लाइसेंस के लिए वाहन स्वीकृत आकार व चालू हालत में होना चाहिए, साथ ही चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य।
उल्लंघन पर सजा
- पहली बार नियम तोड़ने पर: 500 रुपये जुर्माना
- इसके बाद: 50 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त
- बिना अनुमति चलाने पर: वाहन जब्त, 20 रुपये प्रतिदिन जुर्माना
- 15 दिन बाद: नगर आयुक्त की मंजूरी से नीलामी
निगरानी के लिए संचालन समिति बनेगी, जिसमें अपर नगर आयुक्त, RTO, ट्रैफिक पुलिस, SDM आदि शामिल होंगे। व्यस्त मार्गों पर तय ठहराव स्थल भी बनाए जाएंगे।
हजरतगंज में बड़ा एक्शन
हजरतगंज के प्रतिबंधित क्षेत्रों में चल रहे ऑटो और ई-रिक्शा पर पुलिस ने सख्ती दिखाई। विशेष अभियान में 70 वाहनों को सीज किया गया। कई वाहन बिना वैध दस्तावेज और चालक सत्यापन के चल रहे थे। ट्रैफिक पुलिस ने अलग से 26 डग्गामार वाहनों को भी पकड़ा।





