
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार (1 दिसंबर 2025) से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। इस तीन सप्ताह के सत्र में केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने वाले विधेयक समेत कई सुधारों को आगे बढ़ाएगी, जबकि विपक्ष SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण), दिल्ली प्रदूषण, लाल किले विस्फोट और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा-नीत एनडीए की भारी जीत के बाद सत्र में हंगामे के आसार हैं। रविवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और अन्य नेता शामिल हुए। बैठक में सत्र की कार्यसूची और सहमति पर चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद कहा कि किसी ने संसद न चलने देने की बात नहीं कही। कुछ नेताओं ने SIR पर सदन में हंगामा करने की बात कही, लेकिन सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार है। उन्होंने आशा जताई कि सभी शांत मन से काम करेंगे, गरमागरम बहस से बचेंगे और कोई व्यवधान नहीं होगा। रिजिजू ने जोर देकर कहा, “संसद सबकी है, देश की है। हर मुद्दे पर चर्चा का तरीका, नियम और परंपराएं हैं। अगर हम शांतिपूर्ण ढंग से काम करेंगे, तो सत्र सुचारू चलेगा और देश के लिए फायदेमंद होगा।”
कांग्रेस का तीखा प्रहार: लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश
सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि सरकार, भाजपा और प्रधानमंत्री लोकतंत्र तथा संसदीय परंपराओं को खत्म करना चाहते हैं। यह संभवतः सबसे छोटा शीतकालीन सत्र है, जो दर्शाता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना चाहती है।” उन्होंने पार्टी की रणनीति बताते हुए कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता सूची की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की मांग करेगी। गोगोई ने सोनिया-राहुल गांधी पर नई FIR का मुद्दा भी उठाया, इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया।
माकपा का सरकार को आईना: लाल किले विस्फोट ने खोली पोल
माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने बैठक के बाद कहा कि दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हमारी पार्टी सुरक्षा मुद्दों पर सदन में विस्तृत बहस चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संसद बाधित होती है या ठप्प हो जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ब्रिटास ने कहा कि विपक्ष सदन को चलाने के लिए सहयोग करेगा, लेकिन सरकार को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
सत्र का एजेंडा: सुधार विधेयक और वित्तीय कारोबार पर फोकस
केंद्र सरकार सत्र में असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने वाले Atomic Energy Bill, 2025 समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी। अन्य प्रस्तावित विधेयक हैं: Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Bill, 2025; Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill, 2025; National Highways (Amendment) Bill, 2025; Corporate Laws (Amendment) Bill, 2025; Securities Markets Code Bill (SMC), 2025; Insurance Laws (Amendment) Bill, 2025; Arbitration and Conciliation (Amendment) Bill, 2025; और Higher Education Commission of India Bill, 2025।
वित्तीय मोर्चे पर 2025-26 के लिए पहली अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा और विनियोग विधेयक पारित होगा। सत्र में 15 बैठकें होंगी, जिसमें 5 और 19 दिसंबर को प्राइवेट मेंबर्स बिल तथा 12 दिसंबर को रेजोल्यूशन पर फोकस रहेगा।
विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया, दिल्ली आतंकी हमला, वोट चोरी के आरोप, प्रदूषण और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑपरेशन सिंदूर पर बयानों पर बहस की मांग करेगा। कांग्रेस ने कहा कि ये मुद्दे लोकतंत्र की रक्षा से जुड़े हैं।





