
कुशीनगर जिले के सेमरा हर्दो गांव में शुक्रवार रात पुरानी रंजिश के चलते हुए खूनी संघर्ष ने इलाके को हिलाकर रख दिया। 44 वर्षीय उत्कर्ष सिंह की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनकी आंख फोड़ी, दाहिनी जांघ पर गहरे घाव किए और पेट व कान पर भी फरसे से प्रहार किया। अस्पताल ले जाते समय उत्कर्ष ने दम तोड़ दिया।

घटना के कारणों को लेकर गांव में कई चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे पुरानी रंजिश का नतीजा बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि खेत में पशु चराने को लेकर विवाद हुआ। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला अवैध संबंधों से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस जांच से सच्चाई का खुलासा होने की उम्मीद है।
इस घटना में आरोपी पक्ष के तीन लोग भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज पुलिस हिरासत में अस्पताल में चल रहा है। अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। मृतक उत्कर्ष का परिवार प्रतिष्ठित है; उनके पिता इंद्रजीत सिंह अधिवक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला संचालक हैं, जबकि बड़े भाई विद्युत विभाग में सहायक अभियंता हैं। उत्कर्ष की 10 वर्षीय बेटी के सिर से पिता का साया उठने से गांव में शोक की लहर है।
शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव लाया गया, तो गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने उसे उतारने से मना कर दिया और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने डीएम को मौके पर बुलाकर मांगपत्र सौंपने की बात भी कही। तनाव को देखते हुए चार से पांच थानों की पुलिस और पीएसी की टुकड़ी तैनात की गई है।
कुबेरस्थान थाना अध्यक्ष अश्वनी राय ने बताया कि यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम है। सूत्रों के अनुसार, विवाद हत्यारों के घर में प्रवेश को लेकर शुरू हुआ, जो बाद में खूनी संघर्ष में बदल गया। क्षेत्रीय विधायक मनीष मंटू जायसवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राजेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासन परिजनों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े हैं।