यूपी: राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा उठाने वाले को मिल रही धमकियां, हाईकोर्ट ने केंद्र को दे दी ये बड़ी जिम्मेदारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) के माध्यम से चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने का आदेश केंद्र सरकार को दिया है।

न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, और अन्य संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि वे 9 अक्टूबर 2025 तक याचिकाकर्ता के उस प्रत्यावेदन पर लिए गए निर्णय के साथ जवाबी हलफनामा दाखिल करें, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय से गृह मंत्रालय को भेजा गया था।

याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर, जो कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता हैं, ने दावा किया कि उन्होंने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं। इसके अलावा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ देश के विभिन्न स्थानों पर कानूनी कार्रवाइयों में शामिल होने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उन पर हमले भी हुए हैं। शिशिर ने कोर्ट से वाई प्लस सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया था।

केंद्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एस.बी. पांडेय ने कोर्ट को सूचित किया कि गवाहों की सुरक्षा के लिए एक योजना मौजूद है और चूंकि याचिकाकर्ता को वास्तविक धमकियां मिल रही हैं, इसलिए उसे मुकदमा लड़ने के लिए सुरक्षा दी जा सकती है।

कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता एक प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है, जिसके कारण उसे लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, उसे तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को होगी।

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