
उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को गूगल मैप्स की एक सर्वे टीम को ग्रामीणों ने चोर समझकर घेर लिया और उनकी पिटाई कर दी। यह घटना साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया गांव में हुई, जब टीम रात में कैमरा-युक्त वाहन से सड़कों का सर्वे कर रही थी। स्थानीय लोगों ने हाल के हफ्तों में इलाके में हुई चोरियों के कारण अज्ञात वाहनों पर नजर रखना शुरू किया था, जिसके चलते गलतफहमी हुई।

गूगल मैप्स की टीम बिना स्थानीय पुलिस या ग्राम अधिकारियों को सूचित किए स्ट्रीट-लेवल सर्वे कर रही थी। रात में छत पर कैमरा लगे वाहन को देखकर ग्रामीणों को शक हुआ कि यह चोरी के लिए रेकी करने वाली गाड़ी है। उन्होंने वाहन को रोक लिया और मामला तनातनी तक पहुंच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को बिरहर चौकी ले जाया गया।
टीम लीडर संदीप ने बताया कि यह घटना गलतफहमी का नतीजा थी। उन्होंने कहा, “ग्रामीणों ने हमें संदिग्ध समझकर घेर लिया। अगर उन्होंने हमारे दस्तावेज देखे होते, तो हमारा उद्देश्य समझ जाते।” उनके पास केंद्र और राज्य सरकारों से वैध परमिट थे। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कृष्णकांत यादव ने बताया कि टीम ने सर्वे से पहले स्थानीय प्रशासन को सूचित नहीं किया था। उन्होंने सलाह दी कि भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे करने से पहले स्थानीय पुलिस या ग्राम प्रधान को सूचना दी जाए।
पुलिस पूछताछ के बाद मामला सुलझ गया, और गूगल मैप्स टीम ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की। ग्रामीणों के साथ चर्चा के बाद स्थिति शांत हो गई। यह घटना गूगल मैप्स की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच हुई है, क्योंकि हाल के महीनों में इसके गलत मार्गदर्शन के कारण कई हादसे हो चुके हैं, जैसे बरेली में अधूरे पुल पर कार गिरने से तीन लोगों की मौत।