उत्तर प्रदेशझाँसी

झांसी में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत: पूर्व प्रधान ने प्रेमिका रचना की हत्या कर शव के किए इतने टुकड़े, बोरी में भरकर किया ये काम

झांसी जिले के टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र में 13 अगस्त को किशोरपुरा गांव के एक कुएं से दो बोरियों में मिली सिर कटी लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मृतका की पहचान मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ की रहने वाली रचना यादव (35) के रूप में हुई।

पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि रचना की हत्या उसके प्रेमी, महेबा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान संजय पटेल ने अपने भतीजे संदीप पटेल और दोस्त प्रदीप उर्फ दीपक अहिरवार के साथ मिलकर की थी।

शादी के दबाव में की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि रचना संजय पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, लेकिन संजय, जो पहले से शादीशुदा है और दो बेटों का पिता है, इसके लिए तैयार नहीं था। 9 अगस्त को संजय ने अपने भतीजे और दोस्त के साथ मिलकर रचना की गला घोंटकर हत्या कर दी। शिनाख्त छिपाने के लिए शव के सात टुकड़े किए गए, जिनमें सिर और पैर लखेरी नदी में फेंक दिए गए, जबकि बाकी हिस्से दो बोरियों में भरकर किशोरपुरा गांव के एक कुएं में डाल दिए गए।

पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, एक फरार
झांसी के एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि सात दिन की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने संजय पटेल और उसके भतीजे संदीप को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी प्रदीप फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने 200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 100 से अधिक गांवों में छानबीन की। रचना के भाई दीपक ने जब उसका फोन स्विच ऑफ पाया और संजय से बात की, तो संजय ने गुस्से में हत्या की बात कबूल की थी।

रचना का था जटिल प्रेम और वैवाहिक इतिहास
पुलिस जांच में पता चला कि टीकमगढ़ के मैलवारा गांव की रहने वाली रचना की पहली शादी टीकमगढ़ में हुई थी, जिससे उसके दो बच्चे हैं। पति से विवाद के बाद वह मायके चली गई थी। वहां उसकी मुलाकात महेबा गांव के शिवराज यादव से हुई, जिसके साथ वह लिव-इन में रहने लगी। 2023 में शिवराज के बड़े भाई पर रचना ने दुष्कर्म और हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कराया था। इस केस की पैरवी के दौरान उसकी मुलाकात संजय पटेल से हुई, जिसके साथ उसके प्रेम संबंध बन गए। जून 2025 में शिवराज की मौत के बाद रचना ने संजय पर शादी का दबाव बढ़ा दिया था।

पुलिस को मिला इनाम
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए डीआईजी केशव चौधरी ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये और एसपी (ग्रामीण) डॉ. अरविंद कुमार ने 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया। पुलिस अब फरार आरोपी प्रदीप की तलाश में छापेमारी कर रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और ग्रामीण दहशत में हैं।

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