इटली की हेलीकॉप्टर डील वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करेगी मोदी सरकार

VVIP-Chopper-Scam_57089cb1d3260एजेंसी/ नई दिल्ली : वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले को लेकर छिड़े विवाद के बीच भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि वो सीबीआई से इस सौदे से जुड़ी रिपोर्ट मांगेगी। सरकार का कहना है कि अगस्टा-वेस्टलैंड और इसकी मूल कंपनी फिनामैकेनिका को ब्लैकलिस्ट करने की भी पहल करेगी। सरकार ने यह भी दावा किया कि डील के दौरान तत्कालीन यूपीए सरकार ने घोटाले से घिरी कंपनी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया।

केंद्र सरकार का कहना है कि रिश्वत के आरोपों के बावजूद अगस्टा-वेस्टलैंड को यूपीए सरकार ने काली सूची में नहीं डाला और एनडीए सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद दागी कंपनी के सभी अधिग्रहण प्रस्तावों पर रोक लगाई गई थी।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री सहित कई वीवीआईपी के लिए 3600 करोड़ रुपए में 12 हेलीकॉप्टर की डील की गई थी, जिसके लिए भारतीयों कंपनियों ने रिश्वत भी दिया था। इस मामले में सीबीआई ने 2013 में केसभी दर्ज किया था।

इस मामले में कांग्रेस की कहना है कि अगस्टा-वेस्टलैंड कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया गया था, लेकिन मोदी सरकार ने उसे हटा दिया। कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने कहा था कि हेलीकॉप्टर डील को रद्द कर दिया गया था।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि यदि कंपनी को काली सूची में डाला गया, तो उस आदेश की कॉपी दिखाएं। अरूण जेटली जब रक्षा मंत्री थे तो तीन जुलाई 2014 को एक आदेश जारी किया गया। जिसमें पाइपलाइन में पड़े सभी खरीद और अधिग्रहण मामलों पर रोक लगा दी गई।

इसमें अगस्टा-वेस्टलैंड और फिनमिकैनिका सहित घोटाले में शामिल छह कंपनियां भी थीं। उन्होंने कहा कि यह भी निर्णय किया गया कि जिन मामलों में उस समय तक निविदा प्रक्रिया नहीं हुई थी और सवालों के घेरे में शामिल कंपनियों के साथ सौदे पर तब तक के लिए रोक लगा दी गई जब तक कि सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाए।

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