
कानपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को फेसबुक पर मार्क जुकरबर्ग और उनके सहयोगी बताकर एक रिटायर्ड शिक्षिका से 1.57 करोड़ रुपये ठग लिए। यह घटना सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती बनाने के खतरों का जीता-जागता उदाहरण है।
पीड़िता एलिसन वीम्स (मेथाडिस्ट हाईस्कूल से रिटायर्ड), चकेरी थाना क्षेत्र के जगईपुरवा निवासी हैं। जनवरी 2025 में उन्हें फेसबुक पर “मार्क जुकरबर्ग” नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बातचीत बढ़ने पर ठग ने खुद को स्कूल खोलने का व्यवसायी बताया। बाद में एक अन्य व्यक्ति ने खुद को अमेरिकी गायक जॉश टर्नर और जुकरबर्ग का सहयोगी बताकर संपर्क किया।
दोनों ने मिलकर स्कूल खोलने, निवेश पर भारी मुनाफा और अच्छी नौकरी का लालच दिया। 25 जनवरी 2025 से 20 फरवरी 2026 तक टैक्स, वेरिफिकेशन, स्टाम्प ड्यूटी, प्रोसेस फीस जैसे बहानों से अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराए गए। जब शिक्षिका को शक हुआ, तब तक 1.57 करोड़ गंवा चुकी थीं।
27 फरवरी 2026 को उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 30.42 लाख रुपये फ्रीज कराए। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच जारी है।
ठगों ने दो चरणों में ठगी की। पहले स्कूल खोलने के नाम पर रकम ऐंठी, फिर पैसे वापस दिलाने के झांसे में और लाखों वसूले। बाद में फर्जी फेडेक्स पैकेज, कस्टम चार्ज, “विजडम कैपिटल” निवेश और ट्रेडिंग अकाउंट दिखाकर धोखा दिया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत सावधानी से करें, निवेश या पैसे के प्रस्ताव पर बिना जांच के भरोसा न करें।



