बिहार चुनाव 2025: जनसुराज का एनडीए पर गंभीर आरोप, 40 हजार करोड़ के कैश ट्रांसफर से ‘वोट खरीदे’, पार्टी ने कहा- निराश लेकिन हताश नहीं
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के एक दिन बाद प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा आरोप लगाया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने दावा किया कि एनडीए ने महिलाओं को 40 हजार करोड़ रुपये का कैश ट्रांसफर कर वोट खरीदे, जिसमें वर्ल्ड बैंक से लिए गए 14 हजार करोड़ के लोन का भी इस्तेमाल हुआ। उन्होंने कहा कि यह जनता के ही पैसे से जनता का वोट खरीदने जैसा है, जिससे अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों के लिए फंड नहीं बचेगा। जनसुराज ने एनडीए की जीत को बधाई तो दी, लेकिन इसे ‘खरीदा हुआ बहुमत’ बताया।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बेली रोड स्थित शेखपुरा हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उदय सिंह ने सबसे पहले एनडीए को जीत की बधाई दी और नई सरकार के गठन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “बिहार में साफ-सुथरी सरकार बने, दागदार मंत्रियों को जगह न मिले। हमारे मुद्दों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने भी चर्चा की, हम देखेंगे कि उन पर कितना काम होता है।” जनसुराज ने 243 में से 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीती। फिर भी, उदय सिंह ने कहा, “हम निराश हैं लेकिन हताश नहीं। हम विधानसभा में न होने पर भी मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।”
’40 हजार करोड़ का खर्च, बहुमत खरीदा गया’
उदय सिंह ने एनडीए पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “देश में पहले भी ऐसी कोशिशें हुई हैं, लेकिन पहली बार राज्य सरकार ने 40 हजार करोड़ रुपये खर्च कर बहुमत हासिल किया। जनता के पैसे से जनता का वोट खरीदा गया। महिलाओं के खातों में कैश ट्रांसफर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” उन्होंने वर्ल्ड बैंक से लिए गए लोन के 14 हजार करोड़ रुपये के दुरुपयोग का भी जिक्र किया। यह आरोप एनडीए की महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता योजना से जुड़ा है, जिसे विपक्ष ‘चुनावी रिश्वत’ बता रहा है। उदय सिंह ने दावा किया कि अंतिम समय में जनसुराज के वोट आरजेडी को फायदा न पहुंचाएं, इसलिए लोग एनडीए की ओर शिफ्ट हो गए। उन्होंने मुस्लिम वोटरों को आकर्षित न कर पाने को भी अपनी हार का कारण बताया।
‘महागठबंधन पहले भी कमजोर विपक्ष था’
उदय सिंह ने महागठबंधन पर भी निशाना साधा, “जब उनकी ताकत थी तब भी वे सही विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पाए। अब जनसुराज बिहार की जनता के लिए मजबूत आवाज बनेगी।” उन्होंने पार्टी की स्थापना के उद्देश्य पर काम जारी रखने का संकल्प जताया। प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “हम फिर से वापसी करेंगे। सभी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और उन्हें प्रेरित करेंगे।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता सुभाष सिंह कुशवाहा, सरवर अली और प्रदेश मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान भी मौजूद रहे।
जनसुराज की यह प्रतिक्रिया बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ रही है। एनडीए ने 202 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया, जबकि महागठबंधन 35 पर सिमट गया। विश्लेषकों का मानना है कि कैश ट्रांसफर योजना ने महिलाओं के वोटों को एनडीए की ओर मोड़ दिया, जो बिहार की 50% महिला मतदाता आबादी को लक्षित करती है। जनसुराज ने अपनी हार पर ‘गहन समीक्षा’ का वादा किया है।