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जिलें की सड़के हुई बदहाल, प्रशासन से मिले सिर्फ आश्वासन

विनोद कुमार

चित्रकूट। धर्म नगरी को जोड़ने वाली बदहाल सड़को के चलते कैसे 30 से 35 लाख श्रद्धालु कर पाएंगे दीपदान? ये  एक बड़ा सवाल है। नेशनल हाइवे से धर्म नगरी चित्रकूट को जोड़ने वालीं सड़के जो 5 से दस किलोमीटर मात्र की है किंतु तीन पंचवर्षीय बीत जाने के बाद भी आज तक पूरी नही हुई  है।

ये सड़के दीपावली अमवस्या मेले में आने वाले लगभग 35 लाख श्रद्धालुओं के लिए मुश्किल का सबब बनेगी। यहां तक कि इन सड़कों की खस्ता हालात के चलते लोगों को 10 से 15 किलोमीटर तक का पैदल सफर करना पड़ेगा।

हालांकि जिलाधिकारी विशाखजी ने पानी छिड़काव और गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए है जिससे लोग आसानी से धर्म नगरी आ जा सके और दीपदान कर सके।

बता दें कि नेशनल हाइवे 76 से धार्मिक नगरी चित्रकूट को जोड़ने वाली तीन महत्वपूर्ण सड़के है। जिसमें एक बेड़ी पुलिया से चित्रकूट और दो सड़के शिवरामपुर से चित्रकूट को जोड़ती है।

लेकिन खुदी पड़ी खस्ताहाल सड़को के चलते लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीँ कल से शुरू हो रहे पांच दिवसीय दीपावली अमवस्या मेला में लगभग 30 से 35 लाख लोगो के आने की सम्भवना है। जिनको भारी मुश्किल झेलनी पड़ेगी।

लोगो का कहना है कि इन सड़कों में बड़े गड्ढे है, सड़क में धूल का गुबार उड़ता रहता है। जिससे लोगों को बहुत दिक्कत होती है आवागमन करने पर किन्तु मजबूरी में लोग सफर करते है।

इन सड़कों में लोग दुर्घटना का शिकार भी बहुत होते है लेकिन प्रशासन की हीला हवाली के चलते आज तक सड़के बन नही पाई है।

दीपावली अमवस्या में धर्म नगरी में जुटने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सड़को के गड्ढे पुरने और पानी का छिड़काव करने के सम्बंधित ठेकेदार और पीडब्लूडी विभाग को निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी विशाखजी ने बताया कि बेड़ी पुलिया से चित्रकूट जाने वाली सड़क का कार्य प्रगति पर है, किन्तु  जो अभी नहीं बनी है। उसके गड्ढे भरने और पानी का छिड़काव करने के निर्देश दे दिए गए है। जिससे अमवस्या मेला में आने वाले यात्रियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।

धार्मिक नगरी की सड़के भले ही बदहाल हो लेकिन श्रद्धालुओं की प्रभु कामतानाथ के प्रति अपार श्रद्धा के चलते ये बहुत मायने नही रखती है।

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