Monday , March 25 2019
Breaking News

बदहाल विद्यालय में पढ़ने को मजबूर बच्चे, प्रशासन ने मूंदी आंखें

अखिलेश्वर तिवारी

बलरामपुर। देश के सबसे पिछड़े जनपद बलरामपुर के बदहाल शिक्षा व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। बरसों से पटरी से उतर चुकी शिक्षा व्यवस्था अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। विभागीय उदासीनता के कारण जिले के दर्जनों विद्यालय जर्जर अवस्था में हैं।

कुछ विद्यालय तो ऐसे हैं जिनके अंदर बैठना भी खतरे से खाली नहीं है। जान जोखिम में डाल कर बच्चे इन विद्यालयों में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार विभाग के अधिकारी अपनी आंखें बंद किएहुए हैं।

लाइव टुडे की टीम ने तहसील उतरौला मुख्यालय के ऐसे ही एक जर्जर विद्यालय कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय का जायजा लिया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। छात्राओं ने अपनी पीड़ा कैमरे के सामने बयां की। इस विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।

उनका कहना है कि छत टूटा हुआ है जिससे बरसात का पूरा पानीकमरों के अंदर आता है। छत के ऊपर से गिरने वाले खप्परों से छात्राओं के लिए भी हमेशा खतरा बना रहता है। जान जोखिम में डालकर किसी तरह इस विद्यालय में छात्राएं पठन-पाठन कर रही हैं।

तहसील उतरौला मुख्यालय के नगरीय क्षेत्र में दीवानी न्यायालय के ठीक सामने तीन विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्हें में एक विद्यालय है कन्या पूर्वमाध्यमिक विद्यालय जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त व जर्जर अवस्था में है। ब्रिटिश शासनकाल में बनाया गया यह भवन पूरी तरह से जर्जर है।

पुराने मॉडल में खप्पर से बनाया गया विद्यालय का भवन कभी भी गिर सकता है। छत के खप्पर निकल चुके हैं लकड़ियां सड़ी हुई हैं और दीवारों के प्लास्टर भी गिर रहे हैं। बरसात में पूरा पानी कमरे के अंदर गिरता है। बच्चों की मानें तो बरसात के दिनों में कमरों के अंदर बैठकर पढ़ना नामुमकिन हो जाता है।

किसी तरह इधर-उधर बैठकर या बरामदे में बैठकर पढ़ाई करते हैं। ऊपर से गिरते हुए खप्परों से हमेशा खतरा बना रहता है। डर लगता है कि कहीं ऊपर से खप्पर सर पर ना गिर जाए।

प्रधानाध्यापिका रेहाना यासमीन का कहना है कि कई बार बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा गया है परंतु भवन निर्माण के लिए कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। किसी तरह बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। पूरे मामले पर जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश का कहना है कि बीएसए को जांच के आदेश दिए गए जा रहे हैं।

जांच के बाद आवश्यक कार्यवाही भी सुनिश्चित कराई जाएगी। जर्जर विद्यालय भवनों की रिपेयरिंग तथा किराए के भवनों पर वैकल्पिक व्यवस्था कराए जाने के लिए कहा गया है।

About publisher

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *