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जिले में शिक्षा का स्तर सबसे ख़राब, सरकार की कोशिशे साबित हुई नाकाफी

बलरामपुर। बलरामपुर देश के सबसे पिछड़े जनपदों में से एक है। इस जिले में शिक्षा का स्तर न्यूनतम दर पर है। विशेषकर बालिका शिक्षा का दर लगभग 12% के आसपास है। जिले का अधिकांश भूभाग भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है। इसी क्षेत्र में थारू बाहुल्य कई दर्जन गांव हैं। जहां पर शिक्षा का स्तर नहीं के बराबर है।

सरकार के जिम्मेदार विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। क्षेत्र में एसएसबी की तैनाती के बाद किए जा रहे प्रयासों से थोड़ा बहुत शिक्षा के स्तर में सुधार होना शुरू हुआ है। भारत-नेपाल सीमा वर्ती क्षेत्रों में अधिकांश भूभाग घने जंगल तथा पहाड़ियोंसे घिरे हुए हैं।

इस क्षेत्र में रहने वाले थारू जनजाति लोगों के लिए सीमा पर तैनात किए गए। सशस्त्र सीमा बल के द्वारा सामाजिक सांस्कृतिक तथा शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए तमाम प्रयास शुरू किए गए हैं। सीमावर्ती गांव के विद्यालयों को गोद लेकर एसएसबी द्वारा शिक्षा स्तर में सुधार के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में थारू बहुल क्षेत्र बालापुर में स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में कंप्यूटर सेंटर स्थापित कर इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण प्रदान करने की शुरुआत की गई है। साथ ही इसी परिसर में लाइब्रेरी की स्थापना कर तमाम प्रतियोगी पुस्तकों को उपलब्ध कराया गया है।

भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के कई दर्जन गांव में निवास कर रहे हैं। थारू जनजाति लोगों के लिए सशस्त्र सीमा बल एक उम्मीद की किरण के रूप में साबित हो रही है। एसएसबी द्वारा चलाए जा रहे हैं, विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

एसएसबी नवीवाहिनी द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय बालापुर में कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर तथा लाइब्रेरी की स्थापना करके इस अति पिछड़े क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान किया गया है।

सशस्त्र सीमा बल के प्रभारी महानिरीक्षक प्रताप चंद्र चुंडावत का कहना है कि एसएसबी द्वारा इस क्षेत्र के विकास के लिए समय-समय पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन लोगों के साथ कार्य करने में काफी अच्छा भी लगता है।

लाइव टुडे की टीम ने थारू बाहुल्य क्षेत्र के छात्राओं से जानने की कोशिश की तो छात्राओं का कहना था कि एसएसबी के क्षेत्र में आने से उन लोगों को समय-समय पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से तमाम जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विद्यालयों में शैक्षणिक सामग्रियों के वितरण हो या फिर विशेषज्ञ द्वारा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सभी कार्य सराहनीय है। अब कंप्यूटर सेंटर तथा लाइब्रेरी की स्थापना के बाद हम लोगों को कंप्यूटर ट्रेनिंग निशुल्क प्राप्त होगी तथा लाइब्रेरी में मौजूद विभिन्न उपयोगी प्रतियोगी पुस्तकों का अध्ययन कर आगे की पढ़ाई करने में भी आसानी होगी। कुल मिलाकर एसएसबी इस क्षेत्र के लिए उम्मीद की किरण के रूप में देखी जा रही है।

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