Wednesday , December 2 2020
Breaking News

पहचान खोते शहर को मिला स्वच्छ भारत मिशन का सहारा, सफाई की कवायद शुरू

शशांक दीक्षित

कानपुर। भौगोलिक खूबसूरती के कारण ब्रिटिश हुकूमत के चहेते जिले में शुमार कानपुर महानगर सरकारी अफसरों की अनदेखी के कारण अपनी पहचान खोता जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर जिले को साफ़ और स्वच्छ करने की कवायद शुरू की गयी थी।

लेकिन कानपुर के कुछ पाश इलाको को छोड़कर हर जगह कूड़े के ढेर देखने को मिल जाते है।  स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत जानने के लिए कानपुर महानगर के कई इलाको की पड़ताल की जंहा पर हर जगह गंदगी का अम्बार लगा मिला। कुछ इलाके ऐसे भी दिखाई पड़े जहां पर कूड़े को उठाने के बजाय उसमे आग लगा दी गयी।

उद्योगों की नगरी कहे जाने कानपुर महानगर को साफ़ और स्वच्छ बनाने के लिए तमाम कवायद की गयी। स्वच्छता का सन्देश आम जनता से लेकर ख़ास जनता तक पहुंचाने के लिए दीवालो पर स्वच्छता के नारे लिखवाये गए।

इसके साथ ही कुछ विशेष दिनों में कानपुर को साफ़ करने का अभियान चलाया गया लेकिन उसके बाद स्वच्छता का अभियान ठन्डे बस्ते में चला गया।

कल्याणपुर रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए मात्र एक ही सड़क है। जिससे होकर हजारो यात्रीयो का आवागमन होता है।  लेकिन सड़क के किनारे काफी दूर तक गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। गंदगी के साथ ही जल भराव भी दिखाई पड़ा जिससे आवारा जानवर धमाचौकड़ी मचाये है।

गंदे जलभराव के चलते इस इलाके में बीमारी का ख़तरा बना रहता है लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी इसका निस्तारण नहीं हुआ।  स्थानीय लोगों की माने तो उत्तर प्रदेश का कानपुर सबसे ज्यादा गंदा था। पिछले कुछ सालो में सफाई की व्यवस्था नजर तो आ रही है लेकिन अभी इसमें और ज्यादा काम करने की जरुरत है।

स्वच्छता को लेकर आम जनता को भी अपनी सहभागिता देनी पड़ेगी आम जनता सड़को पर कूड़ा फेकने के बजाय कूड़े के कंटेनर में डाले।  क्षेत्रीय पार्षद के पति कौशल मिश्रा का सफाई अभियान पर कहना है कि नगर निगम तो अपने सारे प्रयाश कर रहा है लेकिन इसमें जनता को भी सहयोग करना चाहिए।

पार्षद का दावा है कि सभी लोग सफाई के प्रति जागरूक है। नगर निगम भी अपना काम कर रहा है लेकिन शायद पार्षद जी को स्टेशन के ठीक बाहर फैली गंदगी नजर नहीं आ रही है।

About publisher

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *