Wednesday , March 20 2019
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खुलेआम नदी में बहाया जा रहा कूड़ा, प्रशासन हुआ बेखबर

रवि पांडेय

सोनभद्र। सोन नदी के किनारे स्थित आदर्श नगर पंचायत चोपन अपने कूड़े कचरे को बेखौफ सोन नदी में बहा रहा है। जिससे यही प्रतीत होता है कि सरकार सिर्फ गंगा नदी को ही प्रदूषित मानती है जबकि जिले में सोन नदी में रेणु नदी के माध्यम से भी बिजली परियोजनाओं के अपशिष्ट बह के आते है।

चोपन नगरवासियो का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा सीवर का गंदा पानी सोन नदी में बहाया जा रहा है। जिसकी शिकायत नगर पंचायत में किया जाता है फिर भी कोई सुनवाई नहीं होती है जबकि इसी रास्ते से लोग सोन नदी के छठ घाट पर जाते है।

सोनभद्र में  चोपन आदर्श नगर पंचायत सोन नदी के तट पर स्थित एकमात्र नगर पंचायत है। नगर  को स्वच्छ बनाने के लिए जहां लाखो खर्च करके नालियों का निर्माण कराया गया जो घोटालों  की भेंट चढ़ गयी है।

घोटाले  की वजह से घरों से निकलने वाला गंदा दूषित जल सीधे सोन नदी में जा रहा है। जहां एक और सोनभद्र के सोन नदी को पौराणिक एवं ऐतिहासिक माना जाता है। धार्मिक कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

देवी-देवताओं पर जल चढ़ाना हो कावड़ यात्रियों के लिए अथवा पितृ पक्ष में अपने पितरों को पूजन हेतु नदी का इस्तेमाल करना हो लोग सोन नदी में स्नान करते हैं। मगर पिछले कई महीनों से बहता सीवर का गंदा पानी सीधे नदी में जा रहा जिस कारण नदी दूषित होती जा रही।

वहीं सोन नदी को कई संरक्षित जीवो का घर भी माना जाता है। दुर्लभ प्रजाति के कछुए कई मछलियां जिसे सोन नदी में पाई जाती है। सीवर का गन्दा पानी के ऐसे जीव कारण विलुप्त होने के कगार पर है। स्वच्छता पखवाड़ा के तहत सरकार एक तरफ तो लाखों रुपए  प्रचार-प्रसार में खर्च कर रही है। जगह जगह पर दीवारों पर लोक लुभावने बातें लिखी रहती है मगर सच्चाई कुछ और ही है।

नगर पंचायत चोपन के पूर्व सभासद महेंद्र केसरी ने बताया कि ऐसे कई मामले हैं जहां नगर पंचायत सिर्फ आदर्श नगर पंचायत कहने को है। कहीं गंदगी का अंबार तो कहीं टूटी नालियां कई बार इसकी शिकायत की गई बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नही की गयी।

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