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बदहाल प्राथमिक स्कूल में पढ़ने को मजबूर बच्चें, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ सुधार

उमाकांत

मऊ। सरकार सर्व शिक्षा अभियान सहित तमाम कवायदे करके शिक्षा के स्तर को सुधारने की कोशिश में लगी हुई है। बावजूद इसके जिले के अधिकारी इन सारी कार्ययोजनाओ को पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। मामला मऊ जनपद के प्राथमिक विद्यालय का है जहां दो कमरों और एक बरामदे में दो विद्यालय संचालित हो रहे है।

मऊ जिले के नगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय यूशुफ़पूरा और प्राथमिक विद्यालय हरिकेशपूरा एक ही कैम्पस में कई सालो से संचालित होते आ रहे है। पहले तो स्कूल में कुल सात कमरे थे। जिसकी वजह से पठन पाठन का कार्य चल जाता था लेकिन पिछले कुछ सालो से पांच कमरों की छत जर्जर हो जाने से किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन कमरों में ताला बंद कर दिया गया है।

साथ ही स्कूल कि प्रिंसिपल ने कई बार इन कमरों को बनवाने के लिए जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिखित सुचना दी बावजूद इसके सालो बीत जाने के बाद भी उनकी मरम्मत आज तक नहीं हो सकी। जहां एक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के बच्चे दो कमरों में पढाई करने को मजबूर है। वहीं दूसरे विद्यालय हरिकेश्पुरा के सभी बच्चे एक छोटे से बरामदे में पुरे साल पढ़ने को मजबूर है।

बच्चो ने बताया कि बारिस कि वजह से सभी पांच कमरों की छते टूट गयी है। मैडम ने कमरों में ताला बंद कर दिया है, साथ ही सभी बच्चों दो कमरों में बैठाती है। बारिस के दिनों में हम लोग भीग जाते थे और कमरा टूटकर गिरता भी था। जिसके कारण उसको बंद कर दिया गया अब हमको एक साथ पढ़ने में काफी दिक्कत होती है। मैम से बनवाने के लिए कहते है लेकिन कोई भी बनवाने नहीं आता है।

स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि पांच कमरों कि छते टूटी होने के कारण बच्चो को पढ़ने में काफी परेशानी होती है। ऐसे में दूसरे विद्यालय के साथ मर्ज हो जाने से बच्चो की संख्या बहुत ज्यादा हो गयी है। कमरों के आभाव में वह सभी ठीक से पठन पाठन का कार्य नहीं कर पा रहे है। अधिकारियों को कई बार इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया लेकिन उनके द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कि गयी।

इस पुरे मामले पर नगर शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दोनों विद्यालय एक ही भवन में चल रहे है। नगर क्षेत्र में जमीन और भवन दोनों का आभाव है। शासन को कई बार प्रस्ताव भेजा गया है कि उसको फिर से बनवाया जाए लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष में धन नहीं मिल पाया।  इस बार उसका सर्वे करके प्रस्ताव भेजा गया है जैसे ही धन प्राप्त होगा हरिकेश्पुरा विद्यालय के लिए नया भवन बनवाया जाएगा।

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