Thursday , December 3 2020
Breaking News

बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, हाईटेंशन लाइन के नीचे जिंदगी जीने को मजबूर लोग

नीरज कुमार सिंघल

सहारनपुर। इसको बिजली विभाग की अनदेखी कहें या लोगों की मज़बूरी लेकिन दोनों ही हालातों में स्थिति बेहद खतरनाक है। सूबे के सहारनपुर शहर की पॉश कॉलोनी पंत विहार के लोग 32 हजार की हाईटेंशन लाइनों के नीचे मौत के साये में जिंदगी जीने को मजबूर है।

कई हादसे होने के बावजूद विभाग कॉलोनी में मौत बनकर झूल रही बिजली लाइनों की ओर से सचेत नहीं है। इसी तरह शहर में कई स्थानों पर स्थिति जर्जर बिजली के खंभे गिराऊ हालत में खड़े है।

पंत विहार में रहने वाले नागरिक कई वर्षों से 32 हजार बिजली लाइन के साये में रहकर खौफनाक जीवन जी रहे है। कॉलोनी के आधा दर्जन अन्य लोग भी करंट का शिकार हो चुके है। घरों के ऊपर मौत का साया बनकर लटक रही बिजली लाइनो को हटवाने के लिए कॉलोनी के लोग पिछले कई वर्षो में विभागीय अफसरों और नेताओ के चक्कर काटते-काटते थक चुके है।

कोरे आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हो पा रहा है। झूलते तारों के खौफ से कॉलोनीवासी अपने छतों पर जाने का साहस नहीं जुटा पाते है। डर की वजह से कई लोगों ने अपने मकान ही नहीं बनाये है। प्लाट खाली पड़े हुए है। मल्हीपुर, बेहट रोड, शारदा नगर आदि क्षेत्रों में यहीं हालात हैं।

यहां पर करीब 30 घर की छतों पर बिजली की हाईटेंशन झूल रही है। हाईटेंशन लाइन के कारण आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी मकानों का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। यहाँ हाईटेंशन लाइन का एक खम्बा तो एक दुकान के भीतर ही है। हाईटेंशन वॉयर से लोग काफी टेंशन में हैं।

किसी एक घर के ऊपर से तार गुजर रहा होता तो लोग उपाय सोचते। यहां तो हालत ऐसी है कि हर घर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, ऐसे में क्या किया जाए?  ऐसा नहीं है कि केवल बिजली निगम ही इसके लिए जिम्मेदार है बल्कि वहां रहने वाले भी अपनी लापरवाही से इनकार नहीं कर सकते। जो भी हो, अब इसका ठोस हल होना ही चाहिए नहीं तो कभी भी कोई गंभीर हादसा सामने आ सकता है।

शहर के कई इलाकों में बिजली की हाईटेंशन लाइन घरों की छत से होकर निकली हैं। इस कारण लोगों को खतरा हो रहा है। घर की छतों पर झूलती बिजली की हाईटेंशन लाइन से बचने के लिए लोग स्वयं ही उपाय कर रहे हैं। स्थिति यह है कि लोगों के द्वारा छतों पर लकड़ी के खंबे लगा लिए गए हैं।

बिजली की हाईटेंशन के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत तो बारिश के दिनों में होती है, जब लाइन टूट जाती है और एक साथ पूरे घर में करंट दौड़ना शुरू हो जाता है।

यह है नियम

11 केवी बिजली लाइन जमीन से करीब 20 फीट ऊंची होनी चाहिए। 33 केवी बिजली लाइन जमीन से करीब 25 फीट ऊंची होनी चाहिए।

यदि हाईटेंशन लाइन सड़क क्रॉस करती है, तो सुरक्षा की दृष्टि से गार्डनिंग होनी चाहिए। रिहायशी क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइन मकानों के ऊपर से होकर नहीं निकलनी चाहिए।

कुछ जगहों पर तार को कवर्ड किया गया, लेकिन ज्यादातर एरिया में अभी भी पुरानी लाइन ही है। निगम की प्लानिंग है कि पूरे एरिया में तारों को अंडर ग्राउंड किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव बनाया गया है।

About publisher

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *