मंगलवार , जून 19 2018

कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद जनता कर रहीं अपनी सेहत से खिलवाड़

रिपोर्ट- अभिषेक यादव

लखनऊ। पन्नी के थैलों से होने वाले नुकसान को देखते हुए कोर्ट ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था जिसको लेकर सरकारों को इसका पालन कराने का भी आदेश दिया गया था  हालांकि कुछ दिन तक  इसका पालन भी किया गया बाजारों में  प्लास्टिक के  कैरी बैग  प्रतिबंधित कर दिए गए थे।  लेकिन धीरे-धीरे  स्थिति फिर वहीं पुरानी  देखने को मिलने लगी  लोगों के हाथों में  धड़ल्ले से  प्लास्टिक कैरी बैग  नजर आने लगे  चाहे वह  फल की दुकान हो  चाय की दुकान हो  या परचून की दुकान हो हर जगह  पालीथिन  का बोलबाला  दिखने लगा।

पन्नी बंद

अगर दुकानदारों की माने तो उनका कहना था कि अगर सामान लेने के लिए लोग घरों से थैला लेकर निकले तो पन्नी का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा अगर वह पान्नी का इस्तेमाल बंद कर देंगे तो शायद उनकी दुकानदारी ही नहीं हो पाएगी इसलिए लोगों को जागरुक होने की जरूरत है तभी इस जहरीली पन्नी से अपने आप को और वातावरण को बचा सकते हैं।

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वहीं इस पूरे मामले पर आम जनता का भी यही कहना है कि बाजारों में मिलने वाली पन्नी लोगों की सेहत के लिए बहुत ही नुकसान देह है चाहे वह आदमी हो या जानवर क्योंकि जानवर भी इसे रोड़ के किनारे कूड़े के साथ पन्नी भी खा जाते हैं जो कि उनकी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित होता है आम जनता का भी मानना है कि सरकार को इसे कड़ाई से पालन कराना चाहिए ताकि पन्नी का इस्तेमाल  बंद किया जा सके और अपने पर्यावरण को  सुरक्षित बनाया जा सके।

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