Friday , March 31 2017

श्री श्री रवि शंकर जी

अपने-आप में भी तलाशें ईश्वरत्वः श्री श्री रविशंकर

ईश्वरत्व

एक विचार को विचार के रुप में ही देखें, एक भावना को भावना के रुप में ही देखे तब आप खुल जायेगें अपने आप में ईश्वरत्व को देख पायेंगे। देखना इन्हें अलग-अलग परिणाम देता है। जब आप नकारात्मकता को देखते हैं तो ये तुरंत समाप्त हो जाती है और जब ...

Read More »

ईश्वर वो शक्ति है जिसके कारण सब कुछ हो रहा

ईश्वर

तुम क्या कहोगे अगर एक लहर सागर के अस्तित्व पर सवाल करे? सागर है तभी तो लहर है। जिसके कारण तुम खड़े हो, तुम्हारा अस्तित्व है, तुम सोचते हो, समझते हो, साँस लेते हो, वही भगवान है। ईश्वर क्या है? ईश्वर आकाश में यां कैलाश पर्वत पर बैठा कोइ व्यक्ति ...

Read More »

वैराग्‍य से मिलेंगे संसार के सारे सुख

वैराग्य

वैराग्य का आना स्वाभाविक है। उम्र बढ़ने के साथ, तुम्हारा मन स्वतः ही छोटी-छोटी बातों में नहीं अटकता है। जैसे बचपन में तुम्हें लौलीपॉप से लगाव था, पर वह लगाव स्कूल या कॉलेज आने पर स्वतः ही छूट गया। बड़े होने पर भी दोस्त तो रहते हैं पर उनके साथ ...

Read More »

अपने तन, मन और आत्मा में सामंजस्य स्थापित करें

आत्मा

पहला कदम है सुदर्शन क्रिया सीखना, जो कि एक शक्तिशाली तकनीक है।  हमारे शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने की और इन सबको सामंजस्य में लाने की।  यह हमें अपने संचित तनाव को प्राकृतिक और प्रभावपूर्ण रूप से निस्तार करने की क्षमता देती है। मौन का अभ्यास – मानसिक ...

Read More »

दोषारोपण का स्वागत करो 

दोषारोपण

कैसा लगता है जब कोई तुम पर दोषारोपण करता है? सामान्यत: जब कोई तुमको दोष देता है तुम बोझिल और खिन्न महसूस करते हो या दुखी हो जाते हो। तुम आहत होते हो क्योंकि तुम आरोपों का प्रतिरोध करते हो। बाहरी तौर पर तुम विरोध न भी करो परंतु अन्दर ...

Read More »

कैसे अपने बच्चों से अच्छा संवाद स्थापित करें

अच्छा संवाद

अपने बच्‍चों से कैसे अच्‍छा संवाद स्‍थपित करें, जो बच्चों पर, उनके व्यवहार पर और उनको प्रभावित करने वाले मुद्दों पर प्रकाश डालती है। बच्चो को समझने और  उनको उत्तर देने का तरीका, बच्चों का पालन दृढ़ता से, निष्पक्षता से, और मस्ती के साथ कैसे करे, यह सब कार्यशाला में ...

Read More »

विस्मय से जागरूकता आती है

विस्मय

विस्मय आध्यात्मिक उद्घाटन का आधार है। ये कितना अद्भुत है कि सृष्टि सर्वत्र आश्चर्यजनक वस्तुओं से भरी पड़ी है। लेकिन हम इन्हें अनदेखा कर देते हैं। तभी हम में जड़ता का उदय होने लगता है और साथ में सुस्ती आती है। तमस का कार्य शुरू हो जाता है, निष्क्रियता आने ...

Read More »

कामयाबी के चार सूत्रः श्री श्री रविशंकर

कामयाबी

एक बुद्धिमान व्यक्ति के पास कामयाबी की चार तकनीक होती है जो आंतरिक और ब्राह्य दोनो ही है- साम, दाम, भेद और दंड। लोगों से व्यवहार के लिए बुध्दिमता पूर्ण जीवन जीने के लिए, पहली तकनीक साम है जिसका अर्थ है शांति और समझदारी भरा मार्ग। जब यह तकनीक काम ...

Read More »

आप कितने शीघ्र सफल होना चाहते है?

सफल

श्री श्री रविशंकर जी सफल होने का मंत्र बताते हुए कहते हैं “जब से सृष्टि की रचना हुई उसमें कभी भी कोई तुम्हारे जैसा नहीं हुआ है। और आने वाले अनंत समय में भी कोई तुम्हारे जैसा नहीं होगा. तुम मौलिक हो, विरले हो, अद्वितीय हो, अपनी अद्वितीयता का उत्सव ...

Read More »

परम आनंद की प्राप्ति

रविशंकर की बातें

भारत में श्री श्री रविशंकर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। रविशंकर की बातें आज के समय में अधिक बहुमूल्‍य साबित हो सकती हैं। इनकी  ख्‍याति हिंदुस्‍तान में ही नहीं बल्कि पूरेे विश्‍व में है।  हम आपको बता दें कि रविशंकर की बातें केवल हमारा मार्गदर्शन ही नहीं करतीं बल्‍ि‍क हमें एक नेक आदमी ...

Read More »
LIVE TV