
रोम। संविधान संशोधन पर जनमत संग्रह में बड़ी हार के बाद इटली के प्रधानमंत्री मातेओ रेन्जी ने सोमवार को इस्तीफे का ऐलान किया। रेन्जी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मेरी सरकार का अनुभव यहां स्पष्ट रूप से खत्म होता है। कल दोपहर, मैं मंत्रिमंडल को धन्यवाद देने के लिए उन्हें इकट्ठा करूंगा और इस्तीफा दे दूंगा।”
इटली के प्रधानमंत्री
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, संवैधानिक संशोधन पर जनमत संग्रह पर इसके पक्ष में 41 फीसदी और विपक्ष में 59 फीसदी मत पड़े हैं।
रेन्जी ने कहा, “मतदान की दर सभी अनुमानों से अधिक रही है और स्पष्ट रूप से इसे नकारने वालों की जीत हुई है।”
गृह मंत्री के अनुमानों के अनुसार फाइव स्टार मूवमेंट के नेतृत्व में नो कैंप ने मतदान करने वालों के 59.5 प्रतिशत समर्थन के साथ जनमत संग्रह में जीत हासिल की।
करीब 70 प्रतिशत इतालवियों ने रविवार को वोट डाला। इस जनमत संग्रह में काफी कुछ दांव पर लगा होने और विभिन्न अहम मामलों के इससे जुड़े होने के कारण असाधारण रूप से बड़ी संख्या में मतदान हुआ।
रेंजी ने कहा कि वह अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक के बाद अपना इस्तीफा सौंपने के लिए आज राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात करेंगे।
इसके बाद मैटारेला पर नई सरकार की नियुक्ति की जिम्मेदारी होगी। यदि वह ऐसा नहीं कर पाएंगे तो उन पर शीघ्र चुनाव कराने की जिम्मेदारी होगी।
अधिकतर विशेषज्ञ इस बात की सर्वाधिक संभावना देखते हैं कि रेंजी के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी साल 2018 में चुनाव होने तक उनकी ही डेमोक्रेटिक पार्टी का कोई केयरटेकर संभालेगा।
रेंजी के बाद काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के लिए वित्त मंत्री पियर कालरे पैडोआन सर्वाधिक लोकप्रिय उम्मीदवार हैं। इटली के प्रधानमंत्री को औपचारिक रूप से काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स का अध्यक्ष कहा जाता है।





