
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने सिविल कोर्ट के पास अतिक्रमण हटाए जाने के बाद वकीलों द्वारा लाठियां बांटने के वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लिया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस घटना पर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या आप इस तरह की हरकतें करके प्रशासन को सही काम करने से रोक लेंगे?”
हाईकोर्ट ने वकीलों के आचरण को गंभीरता से लेते हुए आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) की कार्रवाई शुरू करने के संकेत दिए हैं।
सुनवाई के दौरान वकीलों ने दलील दी कि नगर निगम ने बिना चिन्हांकन किए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, जिसमें एक फोटोकॉपी दुकान भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसे पूरी घटना की जानकारी है और फोटोकॉपी दुकान जानबूझकर नहीं, बल्कि दुर्घटनावश टूटी है। अदालत ने बताया कि पीड़ित दुकानदार को वैकल्पिक दुकान भी आवंटित कर दी गई है।



