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रजनी सर के सामने झुकेगा सांड़, काबू पाकर ही लेंगे दम

रजनीकांतचेन्नई। सुपरस्टार रजनीकांत ने सांड़ को काबू में करने वाले लोकप्रिय प्राचीन खेल जल्लीकट्टू का समर्थन किया है। यह खेल पोंगल के आसपास खेला जाता है। रजनीकांत ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि इसे जरूर खेला जाना चाहिए क्योंकि यह तमिल संस्कृति का हिस्सा है। हालांकि दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री तृषा कृष्णन को तमिलनाडु के पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू के समर्थकों की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी भी इसके खिलाफ नहीं बोला।

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके चलते इस खेल के समर्थक नाराज हैं। रजनीकांत ने विकटन फिल्म पुरस्कार के दौरान संवाददाताओं से कहा, “चाहे जो भी नियम बनाए जाए, लेकिन जल्लीकट्टू जरूर आयोजित किया जाना चाहिए क्योंकि यह तमिल संस्कृति का हिस्सा है।” इस पुरस्कार समारोह में फिल्म ‘कबाली’ में डॉन की भूमिका निभाने वाले रजनीकांत सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से नवाजे गए। रजनीकांत (65) फिलहाल तमिल फिल्म ‘2.0’ की शूटिंग में व्यस्त हैं।

बता दें कि शुक्रवार को जल्लीकट्टू के गुस्साए समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अभिनेत्री तृषा की आगामी फिल्म ‘गर्जनई’ की शूटिंग में बाधा भी डाली थी, जिसके कारण फिल्म की शूटिंग काफी समय तक रुकी रही। समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए तृषा से उनकी वैनिटी वैन से बाहर आकर माफी मांगने की मांग की।

जिसके बाद तृषा ने शनिवार को ट्विटर पर कहा, “मैंने किसी भी बिंदु पर जल्लीकट्टू के बारे में बात नहीं की। सोशल मीडिया पर लोगों की भाषा से हैरान तृषा ने कहा, “मैं हैरान हूं कि लोगों ने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए किया, क्योंकि आप सोशल मीडिया पर कुछ कहने के लिए स्वतंत्र हो।” उन्होंने कहा, “आपको खुद को तमिल कहने या तमिल संस्कृति पर बात करने में शर्म आनी चाहिए।”

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