यूपी में किसानो की हालत बेहद खराब, लगातार कर रहे आत्महत्या

किसानों की कब्रगाह बनता जा रहा है बुंदेलखंड जिसका नाम आते ही जहन में भयावह तस्वीर उभरकर सामने आती है। प्राकृतिक आपदा की कई दशकों से मार झेल रहा बुंदेलखंड का किसान लगातार मौत को गले लगाना बेहतर समझ रहा है बुंदेलखंड के किसान की पूरी तरह से कमर टूट चुकी है।

किसान बर्बाद हो चुका है आपको बता दे बांदा 1 हफ्ते के अंदर 4 किसान कर्ज और साहूकारों के दबाव के चलते मौत को गले लगा चुके हैं। जिसके चलते आज फिर एक किसान ने बैंक के कर्ज और दबाव के चलते परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त करें ली.

घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्मा डेरा गांव की है जहां राम मनोहर नाम के किसान ने खेत के ट्यूबवेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।राम मनोहर के पास करीब 10 बीघा जमीन थी प्रकृति के द्वारा साथ न देने पर उसको लगातार मायूसी हाथ लग रही थी साथ ही बैंक द्वारा लिया गया कर्ज की नोटिस और साहूकारों का दबाव पड़ रहा था।

उसने बैंक से लगभग 4 लाख और सूदखोरों से 1लाख का कर्ज लिया था। जिसको चुका पाने के लिए राम मनोहर को इसकी चिंता रो-रोकर सता रही थी। कि वह बैंक का कर्ज कैसे चुका कर पाएगा साथ ही लगातार बैंक की नोटिस और साहूकारों के दबाव के चलते वह और भी ज्यादा तनाव में रहता था औरसाथ ही जमीन भी गिरवी रख चूका था। .

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जिसके चलते आज आवेश में आकर राम मनोहर ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा जहां घर के पास खेत में बने ट्यूबवेल में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली वही मौके पर पहुंचे एसडीएम संदीप कुमार का कहना है कि हम इस पूरे मामले की जांच करा रहे हैं।

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