बिंदास सोनू का एक और बयान, कहा-‘डंके की चोट पर करूंगा ये काम’

इन दिनों लोकप्रिय सिंगर सोनू निगम अपनी सिंगिंग से ज्यादा अपने बेबाक बयानबाजी से सुर्खियों में बने हुए हैं. उनका कहना है कि अपने विचारों को खुलकर रखना उन्हें पसंद है और इस मामले में बेईमानी से उन्हें सख्त नफरत है. सोनू का कहना है कि सभी के अपने विचार होते हैं.

कुछ उन्हें मानने से कतराते हैं और यह बात बिल्कुल सच है कि इंसान जब भी बिना डरे खुलकर कुछ कहता है तो उसकी निंदा जरूर होती है, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और ऐसा करने से वह कभी भी पीछे नहीं हटेंगे.

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सोनू इससे पहले मस्जिदों में नमाज के वक्त लाउडस्पीकर पर रोक को लेकर कुछ टिप्पणी कर विवादों में घिर गए थे. इसके बाद मी टू मूवमेंट में भी अपने साथी को सपोर्ट करने के दौरान यह कहकर फंस गए थे कि उनके मित्र को बिना किसी सबूत के फंसाया जा रहा है.

सोनू का कहना है कि सामाजिक परिवर्तन के लिए संगीत का उपयोग सदियों से होता आ रहा है. ऐसे में एक गायक होने के नाते अपने विचार या भावनाओं को गाने के माध्यम से व्यक्त करने के बजाय पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपनी भावनाओं को खुलकर रखने से खुद को क्यों रोका जाए.

सोनू ने कहा, “मैं संगीत को हमेशा राजनीति से दूर रखता हूं, लेकिन एक संगीतकार होने के चलते विश्व की जानकारी रखना मुझे अच्छा लगता है. मैं किताबें पढ़ता हूं, मैं विवेकशील लोगों से बातें करता हूं, ऐसे में लोग भी मुझसे संगीत और फिल्म जगत से जुड़े सवाल पूछते हैं और मैं उनका जवाब देता हूं.” सोनू ने हाल ही में एमटीवी अनप्लग्ड सीजन 8 में ‘रॉयल स्टैग बैरल’ के लिए पांच गजलों को अपनी आवाज दी है.

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जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “आजकल के बच्चे गजल सुनना पसंद नहीं करते हैं जैसा कि हम अपने बचपन में किया करते थे. हालांकि नई पीढ़ी को मेरी गाने बेहद पसंद हैं तो वे मुझसे कनेक्ट कर पाएंगे. इस तरह से गजल को उन तक पहुंचाने का विचार मुझे आया.” ‘कल हो ना हो’ गाने के चर्चित गायक ने कहा, “मैं गाना चुनता हूं और उसके पीछे मेरी कोई सोच होती.

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