पंचायत चुनाव: आयोग द्वारा जारी खर्चे की गाइडलाइन से परेशान प्रत्याशी, कर पाएंगे इतना पैसा खर्च

चुनाव आयोग द्वारा जारी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव खर्चे की गाइडलाइन ने मथुरा जिले के प्रत्याशियों को चौंका के रख दिया है। गाइडलाइन के अनुसार अब ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को मात्र 10 हजार रुपये में चुनाव लड़ने की चुनौती मिली है। वहीँ, जिला पंचायत सदस्य के लिए लड़ रहे प्रत्याशी डेढ़ लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं। मतदान अधिकारियों द्वारा प्रत्याशियों के चुनाव का खर्च और नामांकन फार्म से लेकर जमानत धनराशि तक की जानकारी बाकी के अधिकारियों को दी गयी है। प्रत्याशियों को चुनावी खर्चे और जमानत धनराशि से सम्बंधित जानकारी के लिए अधिकारियों से संपर्क करना होगा। इन दिनों जिले में 6560 ग्राम पंचायत सदस्य, 504 ग्राम प्रधान, 813 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 10 ब्लॉक प्रमुख और 33 जिला पंचायत सदस्यों के पदों के लिए गावों में चुनावी जंग छिड़ी हुई है।

प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव खर्चे की गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायत सदस्य मात्र 10 हजार, ग्राम पंचायत प्रधान 75 हजार, क्षेत्र पंचायत सदस्य 75 हजार और जिला पंचायत सदस्य को डेढ़ लाख खर्च करना है। खर्चों को व्यवस्थित करने के लिए प्रत्याशियों द्वारा प्रयास शुरू किये जा चुके हैं। बता दें की ग्राम प्रधान पद के लिए फार्म शुल्क 150 रुपये, प्रधान 300 रुपये, क्षेत्र पंचायत सदस्य 300 रुपये और जिला पंचायत सदस्य का 500 रुपये रखा गया है। वहीँ सदस्यों की जमानत राशि की बात करें तो ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 500 रुपये, प्रधान के लिए 2000 रुपये, क्षेत्र पंचायत सदस्य 2000 रुपये और जिला पंचायत सदस्य के लिए चार हजार रुपये तय की गई है।

गाइडलाइन के अनुसार अनुसूचित जनजाति ,अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिला आदि को नामांकन के साथ-साथ जमानत राशि भी आधी ही देनी होगी। प्रत्याशी को नाम और निर्देशन पत्र नकद मिलेगा, तो वहीँ जमानत धनराशि ट्रेजरी में जमा करानी पड़ेगी। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉक्टर नितिन गौड़ के मुताबिक़ जमानत धनराशि से लेकर नामांकन धनराशि तथा मतदान में प्रति प्रत्याशी की जो खर्च सीमा बनाई गई है, वह चुनाव आयोग ने तय की है, जिसका सकती से पालन कराया जाएगा।

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