कोरोना से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए भारत ने SAARC देशों के आगे रखा ‘ऑनलाइन मंच’ का प्रस्ताव

कोरोना वायरस की बढ़ती स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया और लोगों को उनके घरों में ही रहने कि सलाह दी. इसी के बाद अब भारत सरकार ने इस महामारी से लड़ने के लिए सभी दक्षेस देशों के लिये एक साझा ‘ऑनलाइन मंच’ का प्रस्ताव दिया है. इस प्रस्ताव से दक्षेस देश (SAARC Countries) इस वैश्विक महामारी से जुड़ी सूचनाओं, ज्ञान, विशेषज्ञता एवं एक दूसरे की अच्छी पहल का आदान-प्रदान कर सकेंगे.

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विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है. बृहस्पतिवार को दक्षेस देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं पेशेवरों ने कोरोना वायरस के मुद्दे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग पर चर्चा की थी.

 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 15 मार्च को दक्षेस देशों के नेताओं से संवाद के दौरान कहा था कि दक्षेस के सदस्य देशों के स्वास्थ्य पेशेवर कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ लड़ाई को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से संवाद कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘भारत ने सभी दक्षेस देशों के लिये एक ऑनलाइन मंच साझा करने का प्रस्ताव दिया है ताकि कोविड-19 से जुड़ी सूचनाएं, ज्ञान, विशेषज्ञता एवं इससे मुकाबले के संबंध में अच्छी पहल का आदान-प्रदान किया जा सके.’

इसमें बताया गया कि इस मंच के निर्माण की दिशा में पहले ही काफी काम हो चुका है और यह इस संबंध में गतिविधियों एवं संवाद के बहुद्देश्यीय माध्यम के रूप में काम करेगा. इन गतिविधियों में आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण, ज्ञान साझा करना, बीमारी की निगरानी की विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना और नये उपचार संबंधी संयुक्त शोध आदि शामिल हैं.

 

मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारतीय पक्ष ने प्रस्ताव किया कि जब तक यह ऑनलाइन मंच पूरी तरह से काम नहीं करने लगता, तब तक सभी दक्षेस देशों के स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेषज्ञों का नेटवर्क व्हाट्सएप/ईमेल सुविधा स्थापित कर सकता है ताकि वास्तविक आधार पर दक्षेस देशों के बीच जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सके. बयान में कहा गया है कि सभी दक्षेस देशों के स्वास्थ्य प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक और रचनात्मक हिस्सेदारी की और क्षेत्र में कोरोना वायरस से उत्पन्न चुनौतियों को मिलकर हराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की.

संवाद के दौरान भारत की ओर से बीमारी की निगरानी, लोगों के बीच संपर्कों की पहचान, यात्रा प्रतिबंध, खतरे का मूल्यांकन, उपचार, पृथक रहने के उपायों, मरीजों से जुड़े प्रबंधन आयाम, स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सहित विभिन्न आयामों पर प्रस्तुति दी गई. इसी तरह सभी दक्षेस देशों के प्रतिनिधियों ने कोविड-19 से मुकाबला करने के अपने अनुभवों को साझा किया.

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