कैराना अब देगा यूपी की राजनीति को टॉनिक

 कैराना इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के कैराना क्षेत्र से कथित तौर पर हिंदु परिवारों के पलायन को मुद्दा बनाने में भाजपा जुट गई है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जिस तरह यह मुद्दा छाया रहा, इससे लगता है कि कैराना से राजनीतिक टानिक लेने लिए भाजपा अब कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। इस बीच बैठक में शमिल होने आए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सटे कैराना क्षेत्र से कथित तौर पर हिंदु परिवारों के पलायन को राज्य सरकार द्वारा गंभीरता से न लिए जाने का अरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले में चुप बैठने वाली नहीं है।

कैराना से हिंन्दू परिवारों का पलायन चिंता का विषय

कलराज मिश्र ने कहा कि कैराना से हिंन्दू परिवारों का पलायन चिंता का विषय है लेकिन उससे भी ज्यादा चिंता का विषय है कि राज्य सरकार इस मामले में संवेदनशील समस्या को ही नकार रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है। कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस पर चिंता जताई है। मिश्र ने कहा कि पार्टी मथुरा और कैराना की घटना पर गंभीर है। मथुरा में राज्य सरकार की नाकामी की वजह से इतनी बड़ी घटना घट गई। उन्होंने कहा कि एक छोटे से कस्बे से चार सालों में 346 परिवारों का पलायन करना गंभीर है। इस मामले में प्रशासन की जांच में भी पाया गया है कि परिवारों ने पलायन किया है।

मिश्र ने कहा कि यूपी में अभी फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का चेहरा तय नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बाबत केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया है। ये नाम कैसे चल रहा है यह पार्टी को भी पता नहीं है। उन्होंने कहा कि दरअसल, भाजपा उप्र की कानून व्यवस्था, नागरिकों की सुरक्षा बेहतर माहौल और शांति व्यवस्था को लेकर चिंतित है। राज्य में सुशासन सिर्फ बहुमत की भाजपा सरकार ही दे सकती है।

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